चाण्क्य कहते हे। इन 4 तरह के व्यक्ति से सीखें 4 गुण सफलता आपसे ज्यादा दूर नहीं रह पाएगी

महान आचार्य चाण्क्य ने अपनी चाण्क्य नीति मे मनुष्य के लोक कल्याण के लिए अपनी नीति मे अच्छी अच्छी बातें बताई हे।

गुण और अवगुण।

आचार्या चाण्क्य। कहते हे कि कभी कभी 100 अवगुणो पर भी 1 गुण भारी पढ़ जाता हे।

कभी कभी 100 तारे मिलकर भी रात का अँधेरा नहीं दूर कर पते हे। और वो 1 चाँद कर देता हे। ऐसे होते हे गुण और अवगुण।

चाण्क्य कहते हे कि कभी भी आलस नहीं करना चाहिए। आलस करने से आपका लक्ष्य केन्द्रित नहीं हो पाता हे।

जिस वजह से सफलता भी आपसे दूर जाने लगती हे। तो आज आलस छोडे।

चाण्क्य कहते हे। जैसे तलवार मे जंग लग जाने बाद उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता । वैसे हि होती हे हमारी बुद्धि।

3 बुद्धि।

3 बुद्धि।

क्युकि बुद्धि मे एक बार जंग लग जाने के बाद उसे निकालना बहुत मुश्किल हो जाता हे।

4 ज्ञान चाण्क्य कहते हे कि ज्ञान का हमेशा विस्तार करते रहो यानि कुछ ना कुछ नया सीखते रहो और लॉगो को सिखाते रहो।

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