फिर से हाजिर हों एक और नई चाणक्य नीति के साथ। तो चलिए स्टार्ट करते है।

 चाणक्य के अनुसार जीवन का एक एक क्षण पहर दिवस अत्यंत महत्वपूर्ण हे।

 इसीलिए मनुष्य को प्रयोग सार्थकता के साथ करना चाहिए।

 इसके लिए आवश्यक है की एक वेद मंत्र या श्लोक का अध्यन करे।

 अगर आप ये भी न कर सके तो चाणक्य ने और भी उपाय बताए है।

 चाणक्य ने कहा हे की अगर आपको ये करने बाधा आ रही हे तो आप दान  कर सकते हे।

 यदि किसी मनुष्य को दान करना संभव न हो तो उसे परोपकार और पुण्य करना चाहिए।

 जो व्यक्ति इन सभी का अनुसरण नही करता है। उसका प्रेत्येक जीवन वर्थ में वेतीत होता हे।

 तो मनुष्य को जीवन में इन सभी नीतियों को फॉलो करना चाहिए।

 तो चलिए फिर मिलेंगे एक और नई चाणक्य नीति के साथ तब तक के लिए आप हमारे टेलीग्राम को ज्वाइन कर सकते हे।