New motivational story| एक लड़की और उसके गुस्से से परेशान राज्य कि कहानी।

New motivational story| एक लड़की और उसके गुस्से से परेशान राज्य कि कहानी

New motivational story
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 मैं आप लोगों को जो New motivational story सुनाने वाला वह बहुत ही मजेदार स्टोरी होने वाली है आप लोगों को इस स्टोरी से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

यह कहानी होने वाली है एक छोटी सी बच्ची और उसके गुस्से कि क्योंकि उससे बात बात पर गुस्सा आता था तो उसके New motivational story गुस्से से काफी लोग परेशान रहते थे और जब उसे गुस्सा था तो वह आगे पीछे ऊपर नीचे कुछ भी। नहीं देखी थी किसी को भी मार बैठी थी या कुछ भी कर बैठी थी उसको चिल्ला देती थी और चिल्लाने पर कोई कुछ क्यों नहीं था क्योंकि वह राजा की बेटी थीscorldown

तो एक समय की बात है जब एक राज्य हुआ करता था वहां पर एक राजा था उस राजा की 1 बेटी थी और उससे जरा सी भी कोई बात कह देता था तो उसे बात बात पर गुस्सा आ जाता था अब उसे जब गुस्सा आता था तो वह गुस्से में कुछ भी कर बैठी थी और उसे गुस्सा बहुत जल्दी आ जाता था -छोटी छोटी बात पर गुस्सा आ जाने के कारण राजा  बहुत परेशान था राजा का प्रयास भी कर चुका था उस बच्ची के अंदर से गुस्सा निकालने की लेकिन उसके अंदर् से गुस्सा नहीं निकल पये। New motivational story in hindi

 काफी समय बीत जाने के बाद भी उस लड़की का गुस्सा राजा उसके अंदर से नहीं निकाल सका लेकिन अब राजा परेशान था कि मेरी बेटी बात पर गुस्सा होती है New  motivational story life-changing उसका गुस्सा कौन निकालेगा उसने अपनी पत्नी से कहा कि अब तुम्हें कुछ कर सकते उसका गुस्से का कोई उपाय निकालो।

पत्नी बोली मैं बहुत प्रयास कर चुकी हूं मुझसे नहीं हो पाएगा और मैंने क्योंकि इतना प्रयास कर लिया तो अब मैं इससे ज्यादा प्यास नहीं कर सकती अब आप ही कुछ सोचए  और कुछ युक्ति निकाली उसका गुस्सा निकालने की तो वह एक टीचर को बुलाता है New motivational story टीचर जब आती है तो उस लड़की से बात करती है जब उससे बात करती है तो उस लड़की को बात बात पर गुस्सा तो आता हि था। तो जब टीचर जब बोलती तो  उससे गुस्सा हो जाती है और गुस्से में कुछ भी कर बेटीथी थी।

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 तो टीचर बोलती है बेटा मैं तुम्हें एक बात कहूं मैं तुम्हें एक वर्क देती हूं तुम्हें क्या करना है उसे वहा ले जाती है एक बड़ी सी दीवार के पीछे और उस दीवार के पास सामने खड़ा होकर कहती है इस दीवार को देखो इस दीवार को देखो और तुम्हें अब आपसे जब भी गुस्सा आए तो इस दीवार में आकर एक कील लगा देना और उस कील को ठोक देना तो लड़की कहती है  मैं यह क्यों करूं इससे मुझे क्या लाभ तो टीचर कहती है तुम यह करोगी तो मैं तुम्हें एक बड़ा सा तोहफा दूंगी तो वह लड़की खुश हो जाती कहती ठीक है मैं करने के लिए तैयार हूं बताओ क्या करना है तुम्हें अब आज से जब भी गुस्सा आए या किसी भी बात पर गुस्सा है तो तुम्हें यह दीवार फांद की आनी है और इस  दीवाल मे एक कील गाड़ देनी है Hindi me New motivational story

 तो लड़की बोलती ठीक है मैडम जी अब मुझे जब से कभी भी गुस्सा आएगा तो मैं इस दिवार में आकर कील लगा दूंगी तो वहां से लड़की और टीचर चले जाते वहां से उसका टाइम स्टार्ट हो जाता अब उससे तो बात बात पर गुस्सा  तो आता हि था पहले दिन ही उसने उस दीवाल में 10 की लगा दी अब जब उसने 10 की लगा दी उसने मैडम को बुलाया से काहा जरा यह देखे यहां पर मैंने इतनी सारी किल लगा दी है

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 अब जब उसने पहले दिन ही 10 की लगा दी होती तो मैडम देखकर अचंभित हो जाती थी इसको इतना गुस्सा आता है कि उसने पहले दिन ही 10 की लगा डाली तो मैडम उससे कहती है कि अब तुम्हें 10 दिन तक यहां पर कील् लगानी है या कील फिर मैं 10 दिन बाद देखूंगी कितनी किल् लगाती हो तुम और तुम्हें क्या करना है जब तुम 10 दिन कील् लगा लूंगी तब मैं तुम्हें एक बड़ा सा तोहफा दूंगी तो कहती हे ठीक है मैडम जी मैं आपकी बात समझ गई अब मैडम लड़की वहा से चली जाती है 2 दिन बीत जाते हैं 3 दिन भी जाते हैं 10 दिन जैसे उस दिन के बाद आकर देखती है कि यहां पर तो सबसे ज्यादा कीड़े लग चुके हैं अब मैडम जी तो क्या करें

तो मैडम जी उससे बोलते हैं कि अब तुम्हें क्या करना है अब तुम्हें यह करना है कि आप तुम्हें जब भी गुस्सा आए तो तुम्हें किल् नहीं लगानी है अब तुम्हें अपने गुस्से को कंट्रोल करना है और तुम्हें अब जिस भी बात पर गुस्सा ना आए तो तुम्हें यहां पर आकर एक कील निकाल देनी है और जब तुम यह काम करोगी तो मैं तुम्हें अब इससे भी बड़ा गिफ्ट दूंगी समझ गए तो लड़की कहती ठीक है मैडम जी अबे पहले दिन जब कन्ट्रोल करती है  दिन भर कंट्रोल करती है उससे सिर्फ एक ही बात पर गुस्सा नहीं आता वह सिर्फ दिन में एक ही कील् निकाल पाती अब वहां पर 100 से ज्यादा कील होती हे तो वह सोचती पता नहीं कब तक मुझे गुस्सा नहीं आएगा मैं कब तक यह कील खत्म कर पाऊंगी मुझे कब तक गिफ्ट मिलेगा मैडम  जी  को बुलाती है मैडम से कहती है कि आप बताइए मैं क्या करूं मुझे तो गुस्सा बहुत आता मैं गुस्से को कंट्रोल भी नहीं कर पा रही अब आप ही कुछ कर सकती है तो मैडम कहती तुम्हें यह करना हे। गुस्सा नहीं करना होगा तो मे तुम्हें गिफ्ट दूंगी लड़की एक दिन करती है 2 दिन करती है तीसरे दिन 10 से ज्यादा कील निकल देती हे। दिनभर गुस्सा नहीं आता है 

 तीसरे दिन ही 10 से ज्यादा कील निकाल देती है और फिर 4 दीन भी  ज्यादा कील निकाल दी तो यह देखकर बहुत ज्यादा खुश हो जाती कि मुझे पूरे दिन ही गुस्सा नहीं आया मैंने 10 से ज्यादा की निकाल दी अब अगले दिन और कंट्रोल करती तो वह 20 से ज्यादा किले निकाल लेती है ऐसे ऐसे करके हफ्ता भी जाता हे वे और सारी कील  निकल जाते हैं तो मैडम जी को बुलाती है तो मैडम जी जब आती है मैडम जी कहती है मैंने सारी कील निकल दिया। कार्य कर दिया। तो मैडम जी कहती हे   सही बताओ तुम्हें गुस्सा नहीं है किसी बात पर तो लड़की कहती हे नहीं मैंने अपने गुस्से को बहुत ही कंट्रोल किया है इसी वजह मुझे गुस्सा नहीं आया और मैंने यहां पर सारी की निकाल दि।

तो मैडम जी बोलती है तुमने सारा कार्य कर दिया  तो लड़की बोलती है कि हां मैम जी मैंने दिवार से सारी कील निकाल दी है अब आप मुझे आप गिफ्ट  दीजिए आपने जो कहा था कि मैं अब बहुत बड़ा आपको तोहफा दूंगी तो आप मुझे दीजिए मैंने दिखीयि सारी कील निकाल दी तो मैडम जी बोलती है सही बताओ तुम्हें गुस्सा तो नहीं आया किसी बात पर कहती हे  बिल्कुल नहीं मैंने बहुत कंट्रोल किया है तभी यह सफल हो पाया तो मैडम जी कहती अच्छा चलो ठीक है तुमने कहा है तो कर दिया लेकिन अब ध्यान से देखो इस दीवाल को देखो इसमें क्या फर्क है तुम्हें कुछ दिवार मे दिख रहा है तो उस दीवाल में जो कि निशान रहते हैं कील निकालने के बाद जब वह कहती है जो कील मैंने लगायी थी तो उन्हें निकालने के बाद उसमें जो निशान बन जाते हैं कहती है देखो तो बोलती है मैं इसमें तो निशान बने हुए निशान बने हुए हे।

  इस दीवाल में तो निशान बने हुए हैं तो अब जो मैडम बोलती है उसे आप ध्यान से सुनिए क्योंकि यह आपके असल जिंदगी में भी बहुत ज्यादा काम आने वाला है।

इस स्टोरी से यह शिक्षा मिलती हे

 तो मैम क्या बोलती है उससे कि  जब तुम किसी को बुरा भला किसी पर गुस्सा करती हो तो उसे जो  तुम्हारी बातें हैं जो तुम्हारा गुस्सा है उसे कील कि  तरीके हि चुभता है लेकिन जब उसे आप बाद में सॉरी बोलती तो व कील तो निकल जाती है और वाह लोग तुम्हारी बात तो भूल जाते हे। और तुम्हें माफ कर देते। लेकिन उसके बाद जो उनके दिल में निशान बन जाता है या उनको जो बात लग जाती है वह कभी जिंदगी में नहीं मिटती हे वह बात हमेशा बनी रहती है और उन्हें खटकती रहती है तुमने उनका अपमान किया उनको वह बात बहुत ज्यादा बुरी लगती है तो इस वजह सोच समझकर ही किसी पर गुस्सा करें अन्यथा किसी पर भी गुस्सा मत करें क्योंकि उनको कोई भी बात लग सकती आपकी गलत या अच्छी या बुरी कोई भी बात उन्हें लग सकते थे गुस्सा अपनी जिंदगी से त्याग दें गुस्सा सर्वनाश का कारण बनता है और वह सबसे पहले स्वयं का ही सर्वनाश करता है

अगर आपको इस कहानी से थोड़ी सी भी सीख मिली हो तो एक  कमेंट में लिख दे इस कहानी का बेस्ट पार्ट।

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