Navratri Day 2 Story| माता ब्रह्मचारिणी कि पावन कथा। जो सुने उसका जीवन सफल हो जाता हे।

🙏 Navratri Day 2 Story| माता  ब्रह्मचारिणी कि पावन कथा। जो सुने उसका जीवन सफल हो जाता हे।


 Navratri Day 2 Storyमाता  ब्रह्मचारिणी कि पावन कथा। हेलो दोस्तों आप सभी का बहुत स्वागत हे आप सभी का जानते हे  नवरात्री मे 9 दिन माता के 9 रुपो कि पूजा कि जाती हे। नवरात्री का 2सरा दिन  विजय पाने के लिए पूजा कि जाती हे। देवी   ब्रह्मचारिणी कि कथा पड़ने एवं सुनने से कठिन समय भक्तो को सम्बल मिलता हे। तो  आए हम माता ब्रह्मचारिणी कथा सुनते हे।Navratri Day 2 Story


Navratri Day 2 स्टोरीपूर्व जनम मे माता ने हिमालय के घर जनम लिया था। और नारद जी उपदेश से माता ने संकर जी से विवाह करने के लिए कठिन तपस्या कि उसमें उन्होंने बिना अन्य जल किए तपस्या कि सिर्फ फल फ्रूट खाकर तपस्या कि थी। संकर जी को पति रूप मे पाने के लिए इन्होने घूर तपस्या कि थू इसी वजह इनको तपश्छरनि के नाम यानि ब्रह्मचारिणी के नाम निहित किया गया। और इसी वजह से उन्होंने एक हज़ार वर्ष तक बिना कुछ खाए पिये सिर्फ तपस्या कि। और कई वर्षो तक जंगल पर हि बीताए इसी वजह से तपश्यिव् के नाम से भी कहे जाने लगी। और उन्हों ने सिर्फ बेल्पत्र् हि खा कर बीतादिया।

(ब्रह्मचारिणी ) फिर उन्होंने तो बेलपत्र भी खाना बंद कर दिया। कई हज़ार वर्ष तक तपस्या करती रही पत्तों को खाना छोड़ देने के कारण हि इनका ना अपर्णा पड़ गया। काठीन् तपस्या के करन इनका शरीर श्रीन हो गया देवता ऋषि मुनि सद्ज्ञान सभी ने इनकी तपस्या कि सरहाना कि और कहा तुमारा विवाह् भगवान संकर जी के साथ हि होगा। हे देवी आज तक किसी ने इस तरह कि तपस्या कि। आपका भगवान शंकर से विवाह जरूर होगा। अब आप घर लौट जाय आपके पिता लेने आ रहे। माँ ब्रह्मचारिणी कि कथा से सर्व सिद्धि कि प्राप्ति होती।

कहानी से शिक्षा। माता ब्रह्मचारिणी कि कथा से यह शिक्षा मिलती से कि आपको आपका मन कठिन समय मे विचलित नहीं होना चाहिए।

                           🙏। जय माता दी।🙏                      


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