Motivational story यह कहानी है भगवान से मिलने की जब भूत ने भगवान से मिला दिया।

 

  यह कहानी है भगवान से मिलने की जब भूत ने भगवान से मिला दिया अब आप सोच रहे हो कि भूत कैसे भगवान से मिला सकता है तो यह एक सच्ची घटना है और यह किसी और की नहीं तुलसीदास यानी महा ऋषि तुलसीदास की घटना है और तुलसीदास को भगवान से मिलवाया था एक भूत ने अगर आपको यह कथा सुननी है तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े आपको उसमें ही बता दी जाएगी! Hindi Motivational story

Ensperasanel Motivational story  महा ऋषि तुलसीदास एक बार अपनी तपस्या में बैठे ही होते हैं और तपस्या कर रहे होते हैं तो अचानक वहां पर एक तेज हवा चलती है और तेज हवा चलती तो उनकी तपस्या भंग हो जाती है और जब उनकी आंखें खुलती है तो सामने पाते कि उनके सामने एक भूत होता है और वह भूत को देखकर डरते नहीं है उससे उल्टा बातचीत करने लगते और जब भी बात करते हैं तो वह जो भूत होता है उनकी बातों से इतना प्रसन्न हो जाता है  कहता हे  बताओ तुम्हें क्या चाहिए मैं तुम जो कहोगी वह दूंगा तो तुलसीदास कहते हैं मुझे मुझे तुमसे कुछ भी नहीं चाहिए पर  नहीं तुम्हें कुछ तो मांगना पड़ेगा तुमने मुझे प्रसन्न किया है तुम्हें कुछ तो मांगना पड़ेगा लेकिन तुलसीदास कहते हे कि  मुझे अपने आराध्य भगवान श्रीराम से मिला दो और भूत बोलता है मैं तुम्हें भगवान श्रीराम के परम भक्त से मिला सकता हो। 

 मैं तुम्हें भगवान श्रीराम से नहीं मिला सकता लेकिन उनके परम भक्त से मिला सकता हूं जो उनका परम भक्त है और वह सदियों सदियों से चला आ रहा है तो तुलसीदास पहचान नहीं पाते हैं कि कौन है वह तो कहता सोचो सोचो कौन है और जब वह जान जाते हैं तो जैसे वह नाम लेते कि श्री हनुमान तो तुरंत गायब हो जात हे वो भूत जो होता है वह तुरंत गायब हो जाता। तो तुलसीदास कहता  है कि मैंने जब नाम लिया अभी तो अपना कह रहा था मैं श्रीराम से मिला दूंगा यह वह जो तुम कहोगे वह दूंगा तो अचानक गायब हो गया नाम सुनते ही तो कहते हे कि भाग के चला गया फिर उसको बड़े बुलाने के बाद वह आता है कि जैसे वह तो तुरंत अता हे तो तुलसीदास फिर नाम लेने जा रहिए होते  रे रुक अब नाम मत लेना मे उनसे डरता बहुत हो।English new Motivational stor

 Motivational story today तो तुलसीदास भूत से बोलते हैं बताओ अच्छा कहां पर मिलेंगे श्री राम के परम भक्त तो वह बोलता है तुम्हें यहां से सीधे जाओ यहां से कम से सोधे जो कुछ  दूरी पर तुम्हें चित्रकूट धाम का मंदिर मिलेगा उस मंदिर में एक भगवान श्रीराम का मंदिर है और उस मंदिर में तुम जैसे ही प्रवेश करोगे लेकिन एक बात याद रखना तुम्हें जब सुबह 4:00 बजे पूजा होती तो तुम्हें पूजा स्टार्ट होने से सबसे पहले पहुंचना है और जब वहां पर कोई आदमी ना हो तब तुम्हें वहां खड़े रहना है और जो पहला आदमी आया है समझ लेना वही भगवान हनुमान है और जैसे ही तुम्हें वह मिले तुरंत उनको पकड़ लेना और उनसे पूछना वह तुम्हें भगवान श्रीराम तक जाने का रास्ता बताएंगे 

 

Today Motivational story अब तुलसीदास जी यह सुनकर खुश तो बहुत हो जाते हैं अब वहां जाने की तैयारी करते हैं जैसे ही सुबह के 4:00 बजते हुए उठकर सबसे पहले मंदिर पहुंच जाते और मंदिर पर खड़े होकर आरती का इंतजार करने लगते है अब धीरे धीरे धीरे धीरे वहां पर आरती स्टार्ट हो जाती हे जो पहला आदमी आता है जो पहला आदमी आता है उसे पकड़ कर पूछते हैं लेकिन वह तो एक साधारण आदमी रहता है वहां पर कोई भी नहीं होता है लेकिन वहां पर एक किनारे एक बुड्ढा आदमी बैठा रहता है लेकिन उसे देखकर सोचते हैं कि यह कहां भगवान हनुमान हो सकते हैं इनके तो चलने की भी तथा नहीं है सदियों से नहाया भी नहीं ऐसा लग रहा है यह कहां भगवान हो सकते हैं तो फिर वहां से चला जाता नहीं मिलता बागवान हनुमान को बुलाता क्या कहा तुमने मुझसे झूठ बोला अच्छा मुझे कोई भगवान मिले नहीं तो फिर! Hindi Motivational story in hindi 

 

    वह कहता है अब तुम फिर से जाना वहां पर उसी मंदिर में आपकी तुम्हें क्या करना है अब आरती में सम्मिलित रहना है आरती जब खत्म हो और वहां से जब एक एक करके सारे आदमी जाने लगे और जो सबसे आखरी में जो आदमी वहां पर बैठा होगा वही श्री हनुमान होंगे और जैसे ही तुमको मिले वही तुम्हें श्री राम से मिलने का रास्ता बताएंगे अगर तुम अबकी चूक गए तो नहीं मिल पाओगे हनुमान से ना मिल पाओगे श्रीराम से Hindi Motivational short story 

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 Best short motivational story आपकी यह तुम्हारे लिए आखिरी मौका है अगर तुम इसमें निष्फल हो गए तो फिर भूल जाना मिलने की आस ही छोड़ देना अब तुलसीदास यह बात सुनकर नाराज तो हो जाते लेकिन वह फिर सुबह सुबह उठते हैं और आरती में पहुंच जाते हैं अब वहां पर आरती भी स्टार्ट हो जाती है खत्म भी हो जाती है और वहां पर एक एक आदमी करके जाने लगते हैं और जैसे ही सारे आदमी चले जाते तो उस कोने में  एक बुड्ढा उसी कोने में बैठा होता है और वही बुड्ढा रहता है जैसे उसको तुलसीदास देखते हैं तो उससे पूछते हैं बाबा आप क्यों नहीं जा रहे आप भी जाइए आप यहां क्यों बैठे हैं तो वह बोलता है अरे बेटा मैं कहां जाओ गा और  हाथ पैर मेरे काम नहीं करते मैं एक वृद्ध आदमी मैं इस समय मेरी चलने की हालत नहीं है तुम जाओ मैं धीरे-धीरे निकल ही जाऊंगा और तुलसीदास का जब तुरंत समझ जाते उनके चरणों पर लेट जाते जाते हनुमान भगवान मुझे दर्शन दीजिए मैं आपका दर्शन का प्यासा हूं  दर्शन दीजिए Hindi new Motivational story ऑफ भगवान



 पहले ये बताओ कि यह कहानी कैसी लगी एक कॉमेंट करो ऐर उसमें बताओ और इस कहानी का अगला पार्ट के लिए कुछ टाइम का वेट करें  और जब मे कहानी क अगला पार्ट पोस्ट कर  दूँगा तो आपको नीचे लिंक दे दूँगा। Hindi new Motivational story part 2

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