Motivation story part2 यह कहानी है भगवान से मिलने की!!

 

Motivational story फिर हनुमान जी तुरंत तुलसीदास को दर्शन देते हैं कहते बताओ तुम्हारी क्या इच्छा है तो तुलसीदास बोलते हैं आप ही है जो मेरा कार्य कर सकते हैं मैं आप ही को सदियों से ढूंढ रहा था तो वह बोलते हे  क्या तुम्हारी इच्छा है तो  तुलसीदास हनुमान जी से कहते हैं मुझे आप अपने प्रभु श्रीराम से मिला दीजिए तो वह कहता देखो मैं आपको सीधे-सीधे तो नहीं मिला सकते लेकिन आपको रास्ता बता सकता हूं कि आपको कैसे उनसे मिलना है तो बोलते ठीक है आप मुझे रास्ता ही बता दीजिए तो वह बोलते हैं कि तुम यहां से जाओ सीधे जाओगे चित्रकूट जाने वाले जो रास्ता है वहां पर खड़े रहना वहां पर अगले दिन से अगले दिन तुमको सुबह 4:00 बजे जाते हुए मिलेंगे अगर तुम ने उन्हें पहचान लिया तो उनके दर्शन हो जाएंगे अगर नहीं पहचानता है तो नहीं मिल पाओगे।

 Motivational story ! और फिर तुलसीदास निकल पड़ते हैं सुबह सुबह 3:00 बजे ही उठ जाते और रास्ते पर जाकर खड़े हो जाते हैं और खड़े रहते काफी देर खड़े रहने के बाद जब 4 बजते हैं तब वहां पर देखते हैं कि वहां पर दो राजकुमार घोड़े पर सवार होकर लंबे चौड़े निकल रहे हो तो और उनके मुंह पर अजीब सा ही तेज होता है यह देखकर अचंभित हो जाते तुलसीदास लेकिन वे सोचते हैं तो राजकुमार है तो इनका मुख पर तेज होना और लंबे चौड़े होना स्वभाविक है तो सोचते राजकुमार है वह लोग चले जाते निकल जाते हैं और फिर वह इंतजार करते रहते इंतजार करते रहते हैं उसके बाद कोई नहीं आता है अब फिर सीधे मंदिर जाते हनुमान जी को बुलाते हनुमान जी तो पूछते हैं यह बताइए आपने मुझे गलत रास्ता बताया वहां पर तो कोई नहीं मिला मुझे वहां पर तो खाली दो राजकुमार जाते हुए दिखे थे तो हनुमान जी बोलते हैं वह और कोई नहीं श्री राम और लक्ष्मण जी थे आप उन्हें पहचान नहीं पाए और आप उनके दर्शन भी नहीं कर पाए तो वे बोलते रे प्रभु मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई!! Motivational story 

 Motivational story ! तो हनुमान जी कहते हैं आप तुम्हारे लिए आखिरी चांस है अगर तुमने आपकी उनको पहचान लिया तो तुम्हें श्री राम लक्ष्मण के दर्शन हो जाएंगे अन्यथा फिर तुम्हें कभी दर्शन नहीं होंगे और मैं भी तुम्हें दर्शन नहीं करा पा लूंगा तो वह बोलते ठीक है बताओ क्या रास्ता है कहते हैं तुमको फिर उसी रास्ते पर जाना है और वही सुबह 4:00 बजे खड़े होकर इंतजार करना है और आपकी तुम्हें फिर वह अलग रूप में दिखाई देंगे ले अगर तुमने पहचान लिया तो समझ लेना वही श्रीराम है तो वह सुबह सुबह उठते हैं और वहां पहुंच जाते हैं और अपना खड़े रहते खड़े थे जब सुबह के 4:00 बजते हैं तो वहां पर दो बच्चे उनके दो बच्चे आते हे और वहा   खेल रहे होते और हाथ में पूजा की थाली  होती हे। और तुलसीदास  के पास आकर कहते हैं कि यह मैं आपका टीकाकरण कर दे तो तुलसीदास बोलते  ठीक है 

Motivational story 

 तुलसीदास बोलते हैं ठीक है टीकाकरण कर दो और झुक कर जैसे ही बैठते हैं तो हनुमान जी तो देख ही रहे होते हनुमान जी सोचते हैं कि अगर अब उन्होंने पहचानने में देरी कर दी तो काम तमाम हो जाएगा अभी फिर कभी नहीं मिल पाएंगे हनुमान जी कुछ युक्ति लगाते कुछ सोचते तो एक तोते का रूप लेकर चले जाते हैं और जैसे ही उन्हें टीकाकरण करने लगते हैं तो  तुलसीदास के पैर पर चोट मारते हैं और बोलते हैं देखो टीकाकरण रघु राय तुलसीदास जैसे ही यह सुनते हे वो समज जाते हे कि यह श्री राम है और जैसे ही वह श्री राम श्री  लक्ष्मण बोलते हे है प्रभु मुझे दरशन दे और जब दर्शन देते यह देखकर वह बहुत प्रसन्न हो जाते हैं फिर उसके बाद वो बैठ जाते हे ग्रंथो कि रचना मे। Motivational story 

Motivational story और उसके बाद जैसे ही दर्शन करते हैं और भगवान के उसके बाद लिखने बैठ जाते हैं और लिखते लिखते हैं वह कितनी सारी किताबें और कितने ग्रंथ लिख डालते हैं उनको भी नहीं पता उन्होंने बड़े-बड़े ग्रन्थ लिख डाले जिन्हें आज लोग पढ़ रहे हैं यह एकमात्र पहले इंसान बने जिन्होंने भगवान से मिला फिर उसके बाद कई लोग हैं जो मिल चुके हैं लेकिन उस समय के लिए पहले इंसान थे जिन्होंने भगवान से मिला था और जिन्हें भूत ने भगवान से मिला दिया था 

अगर आपको इसका 1st part read krna he to click here.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *