(Navartri Day 1 story)नवरात्री के पहले दिन कि माता शैलपुत्री कि पावन कथा। जय माता दी।


🙏 देखिए आज मे आप लोगो को। माता शैलपुत्री कि पावन कथा। सुनाने वाला हूँ। 🙏 




1.(माता शैलपुत्री कि पावन कथा  ) ये कहानी वहाँ से चालू होती हे। ये जब महादेव और माता सती के साथ विवाह होता हे। विवाह बिना उनकी माता पिता। कि बिना मर्जी के होता हे। और उस विवाह मे उनके माता कि तो इच्छा थी पर उनके पिता कि नहीं थी। उनके पिता उस विवाह से बिलकुल भी  सहमत नहीं थे। फिर भी माता सती  विवाह कर लेती हे। विवाह और जब विवाह होने के बाद। माता शैलपुत्री कि पावन कथा


फिर कुछ दिनों बाद। उनके पिता एक महायज्ञ आयोजित किया। और उसमें सभी राज्य के बड़े बड़े राजा भी  शामिल होई थे। और उस यज्ञ मे महादेव और माता सती के  लिए कोई निमंत्रण नहीं  भेजा गया था। Navartri Day  story

माता शैलपुत्री कि पावन कथा

(Navartri Day 1 story) लेकिन बिना निमंत्रण के माता सती पितामोह मे बिना बुलाई जाने के लिए तैयार हो गई। लेकिन महादेव ने उन्हें काफी मना किया परन्तु फिर भी माता सती नहीं मानी। जाने लगी और फिर माता सती फिर भी चली गई लेकिन वहाँ पर जाकर उनका कोई स्वागत नहीं किया गया बस वाहा पर सिर्फ उनकी माता ने उनको गले लगा कर उनका स्वागत किया। (Navartri Day 1 story) लेकिन उनके पिता ने उनकी तरफ मुँह उठा कर नहीं देखा। और बड़े उप्सब्द् उनके बारे बोलने लगे। जब उनके बारे मे बोले तो  उन्होंने कुछ नहीं कहा लेकिन जब। उन्होंने महादेव के बारे मे बोला तो उनसे सहा नहीं गया|उन्हेंने वही पर उसी यज्ञ मे अपने आप को जला दिया। जैसे हि महादेव को अबास हुआ तो वी बहुत हि क्रोधित हो गए।Navartri Day 1 story

माता शैलपुत्री कि पावन कथा

और वो क्रोध मे तांडव करने लगे तांडव करते समय उन्होंने अपनी एक जटा का बाल तोडकर कर फैका तो उससे वीरभद्र का जन्म हुआ। फिर उन्होंने वीरभद्र से कहा जाओ तुम वाहा जाकर सबको मर दो वीर वीरभद्र वाह जाकर सब कुछ तबाह कर देते हे उनके पिता को मार देते हे  फिर महादेव वाह पर आते हे और उनके पिता को ठीक कट देते हे और तब माता का दुबारा जन्म होता हे तब वो शैलपुत्री कहलाती हे। 

ये थी माता शैलपुत्री माता कि पवन कथाका Navartri Day 1 story

🙏और भी माता के बाकी 8 रुपो के  बारे मे भी मे हर दिन मे बताओगा।❤️Navartri Day 1 story


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              🙏 जय माता दी🙏 


 











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