Meta Tag Generator Tool By techrealjankari.com Instructions: Simply copy the following lines of code and insert them Between the and tags in your HTML Document. Enjoy from techrealjankari.com motivation kahani part2 का रोचक किस्सा पार्ट 2 । हनुमान जी कि वजह से अर्जुन को करनी पड़ी आत्मदाह करनी कोशिश।
 महाभारत का रोचक किस्सा पार्ट 2 पहले वाला तो आप लॉगो ने पढ़ा होगा नहीं पढ़ा हे तो जरूर जाकर पड़े क्योकि आपको।तुरत ये वाला पड़े जी तो मजा नहीं आएगा। इसलिए जाकर तुरंत पड़े। cleakHere...हनुमान जी कि वजह से अर्जुन को करनी पड़ी आत्मदाह करनी कोशिश।






महाभारत का रोचक किस्सा पार्ट 2 ।motivation kahani


(''कहानी का 2nd part)''हनुमान जी कि वजह से अर्जुन को करनी पड़ी आत्मदाह करनी कोशिश।ka part2

''(Start)''तो अर्जुन नहीं मानतेे हे। बोले में एक छात्ररी हो
मे अपने वचन से पीछे नहीं हट सकता हो मैंने आपको वचन दिया था। तो मे वचन का पालन भी करोगा मे आत्मदाह करने जा रहा हो और कोई मुझे रोके गा नहीं। तो हनुमान जी चिन्तित हो जाते कि आज लग रहा कि प्राण त्याग हि देंगे।तो मन हि मन हनुमान जी कृष्ण जी को याद करते हे कहते हे कि प्रभु आइए आकर अपने भक्त को बचा लो। क्योकि मैंने कितना प्यास किया परन्तु वो हि कि मानने को तैयार हि नहीं हे। अब आप हि कुछ कर सकते हे। महाभारत का रोचक किस्सा पार्ट 2 । तो।
कृष्ण भगवन वाहा पर एक ब्राह्मण का रूप लेकर आ जाते हे।
फिर वाहा पर अर्जुन तो भैया लगे लकडिया इक्ट्ठा करके आग लगाने।तो कृष्ण भगवान बोलते हि कि क्या बालक यहाँ रोटियां बनाने जा रहे हो क्या तो अर्जुन। बोले रोटियां बनाने वाला हि जा रहा हे। motivation kahani

महाभारत का रोचक किस्सा पार्ट 2 ।  तो। कृष्ण जी बोलते हे कि।  क्या हुआ किसलिए मरने जा रहे हो बालक ।
अर्जुन बोलते हे कि मेरे और इनके बीच एक शर्त  लगी थी। जिसमें मे हार गया हूँ। वचन अनुसार मुझे अपने प्राण त्यागने हि होंगे। अन्यथा मेरे वचन का अपमान होगा। अब मे अपने वचन से पीछे नहीं हट सकता हूँ। तो कृष्ण भगवान बोलते हि तुम्हरे बीच शर्त लगी थी कोई निर्णय वाला था क्या तुम्हीं लॉगो ने शर्त लगायी और निर्णय भी खुदी कर लिया कोई निर्णय लेने वाला नहीं था क्या। चलो फिर से एक बार दुबारा करके दिखओ अब मे निर्णय लूँगा। ठीक हर ना। तो फिर से अर्जुन अपने बाढ़ निकलते हे और एक शानदार सा पुल तैयार कर देते हे। फिर हनुमान जी कि बारी आति हे। फिर अपना रूप बाढ़ते हे। जैसे हि श्री कृष्ण देखते हे। तो तुरंत कछुआ का रूप् लेकर पुल के नीचे बैठ जाते हे। और हनुमान जी पूरा पुल पर कर जाते ह। फिर भी पुल मे कुछ नहीं होता हे। तो हनुमान जी अछ्म्भित् हो जाते हे कि पुल टूटा क्यूँ नहीं महाभारत का रोचक किस्सा पार्ट 2 अर्जुन और हनुमान जी। के बीच लगी शर्त।��"कहानी।

तो फिर यह देखते हे कि  कछुए का रूप लेकर। पुल के नीचे बैठे हे तो हनुमान जी कहते। हे कि। अच्छा प्रभु यहाँ खेल सभाल रखा हे। कहते हे ठीक हे मे ये शर्त हार गया हो। बताओ मे क्या करो जो तुम कहो जी मे करने को तैयार हो बताओ क्या करो। तो अर्जुन बोलने हि जा रहे होते हे कि। कृष्ण जी रोक देते हे। यह कहकर कि समय आने पर इसका इस्तेमाल करगे। बस वचन भूलना मत। यह कहकर चलें जाते हे।motivation kahani.


महाभारत का युद्ध।फिर अर्जुन और करण के मधय् युद्ध चल रहा होता हे। तब कृष्ण भगवान अर्जुन से बोलते हे । चलो अब उसको। बुला लेेते हे अब उसकी।  जरूत हे। तो 
अर्जुन बोलते हे कि हम मानव हे। हमे उस वानर कि क्या जरूरत हे। कृष्णा भगवान बोलते हे कि हम क्या त्रेता युग मे   श्री राम जी को जररूत थी उनकी। चलो चलते हे उनको लेने। फिर वो आते हे और अर्जुन के रथ पर धजा के रूप मे विराजमान हो जाते हे। तभी अर्जुन के रथ का नाम कपिध्य्जा काहा जाता हे। motivation kahani




          ।❤️सभी लोगों का दिल से धन्यवाद।❤️

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